Hawai Jahaj Mein 400Hz Ki Frequency Kyu Use Hoti Hai ?

Hawai Jahaj Mein 400Hz Ki Frequency Kyu Use Hoti Hai ?

 

‘ सो ‘ दोस्तो इस पोस्ट को ध्यान से और पूरा अछे से पढ़े तभी आप जान पाएँगे की हवाई जहाज में 400 Hz फ्रीक्वेंसी क्यों यूज़ किया जाता है ।

हम आप के बहुत से डाउट आज दूर कर देंगे जैसे हवाई जहाज ac या dc किस पर काम करता है ।

क्यों आकाशिय बिजली का फर्क या प्रभाव नही पड़ता हवाई जहाज पर ऐसे ही इंटरेस्टिंग जवाब जानने के लिए पोस्ट को ध्यान से पढ़े ।




हवाई जहाज की जो बाहरी भाग ( part ) होती है वह एल्युमीनियम की बनी होती है जोकि एल्युमीनियम एक कंडक्टर होता है।

इसीलिए आकाशिय बिजली जब हवाई जहाज पर गिरती है तो एल्युमीनियम (कंडक्टर ) की वजह से खत्म हो जाती है।

Hawai Jahaj के अंदर का जो पदार्थ होता है वह बहुत ही अधिक इंसुलेटेड होता है।

जिससे उसमे बैठे यात्रियों को बिजली गिरने पर पता नही चलता ।

अब आइए जान लेते है कि हवाई जहाज में A.C उपयोग होता है या D.C

हवाई जहाज में a.c और d.c दोनों का यूज़ करते है , a.c के लिए अल्टरनेटर और d.c के लिए जनरेटर उपयोग करते है ।

अल्टरनेटर से जो a.c पैदा होता है वह 115 से 120 वोल्ट तक किया जाता है।

इस वोल्टेज को ट्रांसफॉर्मर के मदद से अपनी आवश्यकता के अनुसार up या down कर सकते है ।

वही जनरेटर से जो d.c पैदा होता है वह 26 से 28 वोल्ट तक होता है इसका उपयोग लाइटिंग में करते है ।

क्यों कि हवाई जहाज में बहुत से लाइट जलते है जोकि dc से किया जाता है।

अब बात करते है फ्रीक्वेंसी की ‘ लेकिन ‘ अधिकतर लोगो लो पता ही नही होता है

कि हवाई जहाज में कितनी फ्रीक्वेंसी उपयोग की जाती है बहुत से ऐसे लोग भी होते है जिन्हें ये भी नही पता कि फ्रीक्वेंसी क्या होती है ।

आइए जान लेते है कि हवाई जहाज में कितनी फ्रीक्वेंसी का उपयोग किया जाता है तो हवाई जहाज में 400Hz की फ्रीक्वेंसी उपयोग की जाती है ।

‘ क्योंकि ‘ अब आप के दिमाग में यह बात जरूर आएगी या आप जरूर सोचेंगे कि क्यों 400 Hz की ही फ्रीक्वेंसी हवाई जहाज में उपयोग की जाती है ज़्यादा या कम क्यों नही।

तो दोस्तो आइये आप लोगो का कंफ्यूजन दूर करते है ।

Hawai Jahaj में 400Hz की फ्रीक्वेंसी अल्टरनेटर के द्वारा पैदा होती है।

अब बात आती है की 400Hz क्यों हमारे घरों में 50Hz की फ्रीक्वेंसी आती है।

जिससे हमारा काम चल जाता है लेकिन 400Hz फ्रीक्वेंसी की क्या जरूरत पड़ी ।

इसके बहुत सारे फायदे है आइए क्या क्या फायदे है एक एक करके जान लेते है।

1. ट्रांसफॉर्मर की साइज :- दोस्तो फ्रीक्वेंसी जितनी अधिक होगी ट्रांसफॉर्मर की साइज उतनी ही छोटी होती है।

उसी प्रकार अगर फ्रीक्वेंसी कम होगी तो ट्रांसफॉर्मर की साइज बड़ी हो जाती है।

2. मोटर का R P M :- अगर फ्रीक्वेंसी ज्यादा होगी तो मोटर की rpm बढ़ जाती है वह कैसे आइए जानते है।

Ns = 120F/ P

मान लेते है कि 2 पोल की हमारी मोटर है और 400Hz की फ्रीक्वेंसी तो सूत्रों के अनुसार

Ns = 120 × 400 / 2 , Ns =48000 / 2
Ns = 24000 rpm

इसी प्रकार अगर हम फ्रीक्वेंसी 50Hz लेते तो rpm 3000 आता जो कि बहुत कम है।

इसीलिए 400Hz पर rpm 24000 मिल जाता है जिससे मोटर की गति बढ़ जाती है और हवाई जहाज को उड़ने में आसानी होती है।

3. अल्टरनेटर में कॉइल कम लगना :- तीसरा फायदा यह होता है कि अल्टरनेटर की जो बॉन्डिंग होती है।

उसमे जो कॉइल या तार भरे जाएंगे वह कम भरे जाएंगे ।

जिसकी वजह से अल्टरनेटर की जो साइज होगी वह छोटी हो जाएगी , जितने साइज की जरूरत होती है उतनी हमे मिल जाती है।

तो दोस्तो यही सब कारण होते है हवाई जहाज में अधिक फ्रीक्वेंसी उपयोग करने के।

दोस्तों आप सबको कैसे लगी यह जानकारी कमेन्ट करके जरूर बताएं ।

और शेयर करना ना भूले दोस्तो , अगर आपका कोई सवाल है तो कमेन्ट जरूर करे ।

धन्यवाद ।

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